कब खत्म होगा पेट्रोल की बढ़ती हुई कीमतों का दाम जिससे हैं आम जनता परेशान कौन सुनेगा उनका हाल फिर भी प्रशासन बढ़ाता जा रहा पेट्रोल की कीमतों पर दाम बारंबार बारंबार और जनता करे पुकार हमारी सुनो सरकार
प्रतिमाह 10 से ₹15 कीमत बढ़ाई जाती है पेट्रोलियम पदार्थों की और चुनाव होने की आशंका पर कीमतों को घटा दिया जाता है और जनता को फिर अंधेरे में रखकर प्रतिदिन धीरे धीरे कीमतों को बढ़ाया जाता है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ है। इस समय देश के कई राज्यों में पेट्रोल की कीमत ₹100 को पार कर चुकी है। जिसमें दिल्ली, यूपी महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान मुख्य रूप से शामिल है। सरकार जानती है जनता चुप है तो क्यों ना मौके का फायदा उठाया जाए और कोरोना काल है उसमें कोई कुछ बोलने वाला भी नहीं है। विपक्ष द्वारा अगर कोई आवाज उठाई जाती है तो निश्चित ही कुछ न कुछ आरोप लगाकर दबाने का भरसक प्रयास सरकार द्वारा किया जाता है। बढ़ती पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों का सीधा असर जनता पर पड़ता है क्योंकि डीजल की बढ़ती कीमतें आम जनता तक पहुंचने वाले सामान को महंगा करती हैं और मजबूरी में जनता को खरीदना भी पड़ता है। सरकार सब जानते हुए लगातार बढ़ोतरी कर रही है और विपक्ष भी टेलीविजन में डिबेट पर सवाल उठाकर या फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खानापूर्ति कर लेती है। इस सबके बीच आखिर कौन पूछ रहा है वह है केवल भोली-भाली जनता, मगर सरकार यह न सोचें की भोली-भाली जनता कुछ जानती नहीं है या कर नहीं सकती है जनता जब सोच लेती है तो पूरा अमला बदल देती है। जैसा कि पूर्व में कई बार जनता दिखा भी चुकी है। राजनेता इसके बावजूद भी अपनी आंखें बंद किए हुए हैं।
अब कैसे बढ़ती हुई कीमतों से मिलेगी राहत और कब घटेगा पेट्रोल के दाम इससे सीधा सीधा लोगों की आर्थिक स्थिति पर असर पड रहा है कौन जनता की आर्थिक स्थिति की परेशानी को समझेगा
पत्रकार हेमंत कुमार सहगल
की खास रिपोर्ट लोनी गाजियाबाद


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें